बेरहमी से गला घोंटकर 2 महीने की बची के साथ मार दिए माँ ने अपनी ही ममता को

 बेरहमी से गला घोंटकर 2 महीने की बची के साथ मार दिए माँ ने अपनी ही ममता को

बच्चे की आह भी निकले तो माँ को झट्ट से सबसे पहले पता लग जाता है, बच्चे की भूख, उसका दुःख तकलीफ सबसे पहले माँ ही समझती है।  
एक माँ इतनी बेरहम कैसे हो सकती है की अपनी 2 महीने की बची को ही मार दिया, ऐसा सोचकर ही रुह कांप जाती है। पर आज कल ऐसे मामले सामने आते हैं की जहां पता लगता है की माँ की ममता अब मर चुकी है। 
खबर दक्षिण दिल्ली की है, जहां एक और माँ ने अपनी ही 2 महीने की बची का गला घोंट दिया और उसका शव घर में पड़े माइक्रोवेव में रख दिया। पड़ोस की औरत और लड़की की सास के कहने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और कार्रवाई करने पर बची का शव माइक्रोवेव में ही मिला। ऐसा करने का कारण आरोपी ने बताया की सामाजिक दबाव के चलते उसको लड़की नहीं लड़का चाहिए था। और वो लड़कीके होने पे बहुत डिप्रेस हो गई थी। हालाँकि पुलिस अभी भी जांच कर रही है
आरोपी ने ऐसा करने की वजह ये बताया की उससे मानसिक बिमारी थी जिसके चलते उसने ये कदम उठाया। 
साइकोलॉजी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर ने इस तरह के अधिकतर मामलों में महिला मानसिक बीमारियों के घेरे में आ जाती हैं। उन औरतों को एहि लगता है क इस दुनिया में अब कुछ नहीं रखा और वो जो कर रही हैं अपने बच्चों की भलाई में ही कर रहे हैं। आज भी हमारे समाज में लड़कियों को पैदा करना पाप समझा जाता है , जहां बेटे की चाहत के साथ लड़की पैदा करने के दबाव  में ऐसी हज़ारों बच्चियों का क़त्ल होता है।