चलिए जानते हैं- होली के रंगों का क्या महत्व है और कोनसा रंग कैसे रिश्ते का प्रतीक है

चलिए जानते हैं- होली के रंगों का क्या महत्व है और कोनसा रंग कैसे रिश्ते का प्रतीक है

होली रंगों का त्यौहार है। यह रंग जीवन में नीरसता को कम करने और दुनिया में भारत की खूबसूरती को जाहिर करने का प्रतीक होते हैं। ऐसे में होली खेलने के लिए लोग कई सारे रंग का उपयोग करते हैं। हर रंग का अपना महत्व है। यह रंग किसी न किसी भावना का प्रतीक होते हैं। होली में ज्यादातर लोग पीला, लाल, नीला और हरा रंग लगाना पसंद करते हैं।  इन रंगों का क्या महत्व है और कोनसा रंग कैसे रिश्ते का प्रतीक है , आइये आपको इसकी जानकारी दें 

1-हरा रंग---हरा रंग हरियाली का प्रतीक होता है लेकिन होली के हरे रंग का मतलब शीतलता, सुकून और सकारात्मकता है।
2-लाल रंग---वैसे को लाल रंग का प्यार का प्रतीक माना जाता है। लेकिन होली के लाल रंग को ऊर्जा, जोश का रंग कहा जा सकता है। होली में रंग खेलने की शुरुआत भगवान को लाल रंग चढ़ाकर कर सकते हैं।यह उनकी ऊर्जा, जज्बे और जोश को प्रदर्शित करेगा और उनके चेहरे में अलग चमक देगा।
3-पीला रंग---होली में पीला रंग भी आकर्षित करता है। पीला रंग सुंदरता और आकर्षण का प्रतीक है। लड़कियों के चेहरे पर इसे लगाया जा सकता है।भगवान को लाल रंग के अलावा पीला रंग भी लगाया जा सकता है, क्योंकि इसे सुख, संपदा और आध्यात्म से भी जोड़कर देखा जाता है।
4-नारंगी रंग---खुशियों, मिलनसारिता और ऊर्जा के प्रतीक के तौर पर नारंगी रंग का  उपयोग कर सकते हैं। जो लोग आपके बहुत करीब हैं या जिनसे आप मधुर रिश्ते रखना चाहते हैं उन्हें नारंगी रंग लगा सकते हैं। यह रंग उनके आकर्षण को तो बढ़ाएगा, साथ ही आपके निर्मल मन को भी उनके सामने जाहिर करेगा।